पलक्कड़ में हुई घटना ने मचाई हलचल
16 फरवरी को केरल के पलक्कड़ में मुस्लिम पीर त्रिथला की मजार पर उर्स का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। लेकिन इस दौरान हाथियों पर आतंकवादी संगठन हमास के नेताओं के पोस्टर लहराए गए। इन पोस्टरों में हमास के टॉप लीडर्स इस्माइल हानिया, याह्या सिनवार और हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की तस्वीरें नजर आईं। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा ने इस घटना को राज्य में देश विरोधी साजिश का हिस्सा बताया है। भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि यह सब माकपा सरकार के समर्थन से हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते इन गतिविधियों को अनदेखा कर रही है। सुरेंद्रन ने कहा, “केरल में देश विरोधी संगठन और कट्टरपंथी तत्व सक्रिय हैं। सिर्फ भाजपा ही इन आतंकी गतिविधियों के खिलाफ खड़ी है।”
हमास क्या है और क्यों है चिंता का विषय?
हमास एक आतंकवादी संगठन है, जो इजरायल के खिलाफ लड़ता है। भारत हमेशा से हमास के खिलाफ रहा है। ऐसे में केरल में हमास के नेताओं के पोस्टर लहराना एक गंभीर मामला है। उर्स एक सूफी संत की पुण्यतिथि पर मनाया जाने वाला वार्षिक उत्सव होता है। लेकिन इस उत्सव में आतंकवादी संगठनों के पोस्टर लगाना चिंता का विषय है।
भाजपा ने माकपा सरकार पर कसा तंज
भाजपा नेता ने इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि एक साल पहले भी केरल में हमास नेता ने वर्चुअली एक रैली में हिस्सा लिया था, लेकिन LDF सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बार पलक्कड़ में उर्स उत्सव में हजारों लोगों को मारने वाले आतंकियों के पोस्टर लगाए गए। इस्माइल हानिया और याह्या सिनवार की तस्वीरें हाथियों पर लगाकर परेड करवाई गईं। यहां तक कि एक कम्युनिस्ट मंत्री और एक पूर्व कांग्रेस विधायक भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
केरल के मुख्यमंत्री पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्रन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से सवाल किया है कि वे इस मामले पर चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि पिनाराई विजयन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। सुरेंद्रन ने कहा, “पिनाराई विजयन को यह स्वीकार करना चाहिए कि वे पूरी तरह से ‘परायजन’ हैं।”
क्या विपक्षी दलों ने लिया देश विरोधी रुख?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विपक्षी दलों ने देश विरोधी रुख अपना लिया है? भाजपा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाए हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए फिलिस्तीन लिखा हुआ बैग लेकर फोटो खिंचवाई थी। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कांग्रेस चुप रही। इसी तरह, ओवैसी और ममता बनर्जी जैसे नेता भी विशेष समुदाय के समर्थन में खुलकर सामने आते हैं।
केरल में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियां
यह पूरा मामला केरल में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियों को उजागर करता है। हमास जैसे संगठनों के नेताओं के पोस्टर लहराना निश्चित रूप से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। भाजपा ने इसे माकपा सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम बताया है। वहीं, कांग्रेस और अन्य दलों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या होगा आगे?
अब देखना होगा कि केरल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर क्या कार्रवाई करती हैं। क्या यह महज एक अलग-थलग घटना है, या फिर केरल में कट्टरपंथी संगठनों की जड़ें गहरी हो रही हैं? सवाल यह भी है कि क्या विपक्षी दल इस मामले पर जवाब देंगे या फिर चुप्पी साधे रहेंगे। यह घटना न केवल केरल बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।