वायरल वीडियो ने मचाई हलचल
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को PM नरेंद्र मोदी से हाथ न मिलाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है कि क्या मैक्रों ने जानबूझकर PM मोदी का अपमान किया। इस मामले को लेकर दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं, जिन्हें हम विस्तार से समझेंगे।
पहला पक्ष: वायरल वीडियो अधूरा और गलत
वायरल हो रहा वीडियो एक लंबे फुटेज का छोटा सा हिस्सा है। इस पूरे वीडियो में देखा जा सकता है कि PM मोदी और मैक्रों इवेंट के सह-होस्ट थे। इवेंट स्थल पर पहुंचने से पहले मैक्रों ने बाहर ही PM मोदी का स्वागत किया, उनसे हाथ मिलाया और अंदर प्रवेश किया। इसलिए, वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मैक्रों ने मोदी को नजरअंदाज किया, यह गलत है।
दूसरा पक्ष: क्या हाथ मिलाने में हुई चूक?
वीडियो के दूसरे हिस्से में देखा जा सकता है कि PM मोदी और मैक्रों एक साथ हॉल में प्रवेश करते हैं और गूगल के CEO सुंदर पिचाई से मिलते हैं। इसके बाद मैक्रों अन्य नेताओं से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ते हैं। इस दौरान PM मोदी अपनी सीट से थोड़ा आगे झुककर मैक्रों से हाथ मिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन मैक्रों अन्य नेताओं से मिलने चले जाते हैं।
इसके बाद PM मोदी ने भी अन्य नेताओं से बातचीत शुरू कर दी। यह स्थिति एक मानवीय भूल के कारण हो सकती है, क्योंकि दोनों नेता पहले ही एक-दूसरे से हाथ मिला चुके थे।
विपक्ष का आरोप और सच्चाई
विपक्ष द्वारा इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, लेकिन यह आरोप निराधार है। भारत और फ्रांस के बीच मजबूत दोस्ती है, और PM मोदी और मैक्रों के बीच भी अच्छे संबंध हैं। इस घटना को एक सामान्य मानवीय भूल के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी बड़े विवाद के रूप में।